SIP को समझने में आप भी तो नहीं चूक गए?

 

SIP से जुड़े सबसे आम 5 मिथकों को समझिए और सही निवेश का सच जानिए। uplive24.com पर जानें कैसे सही फंड, सही समय और अनुशासित निवेश आपकी रकम को बढ़ा सकता है।

SIP investment mistakes : म्यूचुअल फंड SIP यानी Systematic Investment Plan आज सबसे लोकप्रिय निवेश तरीकों में से एक है। हर महीने थोड़ी-सी राशि लगाकर बड़े लक्ष्य पूरे करने का यह तरीका न सिर्फ आसान है, बल्कि लंबे समय में अच्छी संपत्ति भी तैयार करता है। लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ कई गलतफहमियां भी फैल गई हैं। सोशल मीडिया, अधूरी जानकारी और ट्रेंडिंग सलाहें कई बार निवेशकों को भ्रमित कर देती हैं।

ऐसे में जरूरी है कि हम SIP से जुड़े इन आम मिथकों को समझें और सही जानकारी के साथ अपनी निवेश यात्रा को मजबूत बनाएं (SIP investment mistakes)। 

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मिथ 1 : SIP हमेशा शानदार रिटर्न देती है

बहुत-से नए निवेशक मान लेते हैं कि SIP शुरू करते ही पैसा अपने-आप बहुत तेजीसे बढ़ने लगेगा। लेकिन सच यह है कि SIP कोई जादुई छड़ी नहीं है। यह केवल एक अनुशासित तरीका है। रिटर्न इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपने किस फंड में निवेश किया है, कितने समय के लिए किया है और बाजार किस तरह चल रहा है।

SIP को सही मायने में फल देने में 7 से 15 साल लगते हैं। जितना लंबा निवेश, उतना बेहतर कंपाउंडिंग और उतना मजबूत रिजल्ट (SIP investment mistakes)।

मिथ 2 : हर लोकप्रिय फंड में SIP लगा देनी चाहिए

कई निवेशक इंटरनेट पर देखे गए टॉप फंड्स में एक-एक SIP शुरू कर देते हैं। कुछ लोग तो 8–10 फंड्स तक रख लेते हैं, यह सोचकर कि ज्यादा फंड मतलब ज्यादा मुनाफा।

लेकिन यह तरीका अक्सर उल्टा पड़ता है। एक ही कैटेगरी के कई फंड रखने का मतलब diversification नहीं बल्कि duplication होता है। तीन मिड-कैप फंड रखने से आपका जोखिम कम नहीं होता, बल्कि पोर्टफोलियो उलझ जाता है।

सही SIP पोर्टफोलियो वह है जो आपके लक्ष्य, आपके जोखिम और आपके समय के हिसाब से बनाया गया हो। आमतौर पर 3–5 अच्छे फंड काफी होते हैं (SIP investment mistakes)।

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मिथ 3 : SIP शुरू की है तो उसे कभी बंद नहीं करना चाहिए

कई लोग डरते हैं कि अगर उन्होंने SIP रोक दी तो उनका पूरा निवेश बिगड़ जाएगा। लेकिन व्यावहारिक जीवन में आमदनी और खर्च हमेशा एक जैसे नहीं रहते। कभी नौकरी बदलती है, कभी बड़े खर्च आ जाते हैं।

ऐसे में SIP को रोकना या pause करना बिल्कुल सामान्य है। आज ज्यादातर कंपनियां SIP Pause सुविधा देती हैं, जिसमें आप कुछ महीनों के लिए निवेश रोककर फिर से शुरू कर सकते हैं।

अगर कोई फंड लगातार खराब परफॉर्म कर रहा है, तो SIP रोककर बेहतर फंड चुनना समझदारी है, गलती नहीं (SIP investment mistakes)।

मिथ 4 : जब बाजार गिरे तो SIP बंद कर देनी चाहिए (SIP investment mistakes)

यह सबसे आम और सबसे नुकसानदायक गलत धारणा है। बाजार गिरता है तो NAV घटता है और निवेशक घबरा जाते हैं। उन्हें लगता है कि SIP बेकार है या पैसा डूब रहा है।

लेकिन असलियत इसके उलट है। बाजार गिरने पर आपकी SIP ज्यादा यूनिट्स खरीदती है, क्योंकि कीमतें कम होती हैं। इसे ही rupee cost averaging कहते हैं। यही औसत खरीद मूल्य को कम करता है और बाजार सुधरते ही आपके रिटर्न तेजी से बढ़ते हैं।

इसलिए सच यह है कि SIP का सबसे बड़ा फायदा तब मिलता है, जब बाजार नीचे होता है।

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मिथ 5 : SIP खुद एक निवेश प्रोडक्ट है

कई लोग सोचते हैं कि SIP एक प्रोडक्ट है, जैसे बैंक FD या इंश्योरेंस प्लान। वे बस SIP शुरू कर देते हैं, यह जाने बिना कि किस फंड में पैसा जा रहा है।

लेकिन SIP सिर्फ एक तरीका है। असली निवेश वह फंड है जिसमें आप पैसा डाल रहे हैं। अगर फंड की क्वालिटी खराब है, रणनीति कमजोर है या फंड मैनेजर अनुभवहीन है, तो SIP भी आपको बचा नहीं सकती।

इसलिए SIP शुरू करने से पहले फंड का इतिहास, परफॉर्मेंस और जोखिम को समझना जरूरी है (SIP investment mistakes)।

कुल मिलाकर, SIP आपके निवेश को सुरक्षित, अनुशासित और लंबी दौड़ में मजबूत बनाती है, लेकिन तभी जब आप इसे सही तरह समझकर इस्तेमाल करें।

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